ग्राम प्रधान का क्या काम होता है? और प्रधान का वेतन कितना होता है?

दोस्तों ग्राम प्रधान का क्या काम होता है? और इसे काम करने के लिए कितना वेतन मिलता है? इन सभी जानकारियों को आज के इस लेख में हम आपके साथ साझा करेंगे| इस लेख को प्रारंभ करने से पहले हम आपको बता दें, कि ग्राम प्रधान किसी एक गांव का मुखिया होता है| जिसे सरपंच भी कहते हैं| हमारे उत्तर प्रदेश में लगभग 16 करोड़ लोग गांव में निवास करते हैं| जिनमें कुल 59163 ग्राम पंचायत बनाई गई हैं| इन ग्राम पंचायतों का उद्देश्य गांव के लोगों एवं गांव के हित के लिए कार्य करना होता है|

ग्राम प्रधान गांव के लोगों के लिए ग्राम पंचायत के द्वारा गांव में सड़क, नालियां, शौचालय, स्कूल का प्रबंध, साफ सफाई ,और तालाब बनवाने जैसी अनेक जिम्मेदारियां होती हैं|
आज के इस लेख में हम आपको gram के कार्यों के बारे में बताएंगे| कि किसी भी गांव के ग्राम प्रधान का क्या क्या कार्य होता है ?तो चलिए आज का लेख शुरू करते हैं|

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ग्राम प्रधान के कार्य:-

  • गांव में रोड बनवाना एवं उनका रखरखाव करना:- गांव के प्रधान का कार्य होता है, कि वह गांव में जितनी भी कच्ची सड़कें हैं| उन सभी सड़कों को पक्की बनवाएं| यदि गांव में सड़क नहीं है, तो ग्राम प्रधान का कर्तव्य होता है कि वह गांव में सड़क का निर्माण अवश्य करवाएं|
  • गांव में जानवरों के लिए पानी की व्यवस्था करवाना:- ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी होती है, कि ग्रामीणों के पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करवाई जाए| जिससे गांव के पशुओं को किसी भी प्रकार की तकलीफ ना हो|
  • पशुपालन व्यवसाय को बढ़ावा देना या डेरी की व्यवस्था करना:- ग्रामीण इलाकों में पशुपालन कमाई का एक अच्छा जरिया माना जाता है| लेकिन पशुपालकों के लिए पशुओं का दूध बेचना एक समस्या होती है| इसलिए gram pradhan की जिम्मेदारी है, कि वह ग्रामीण इलाकों में ही दूध बिक्री केंद्र या डेयरी की व्यवस्था करवाएं| इसके अतिरिक्त पशुओं का टीकाकरण और उपचार हेतु सुविधाएं मुहैया करवाएं|
  • सिंचाई के साधन की व्यवस्था करना:- किसानों की फसलों की सिंचाई के लिए ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी होती है की वे सरकार के द्वारा गांवों में सरकारी ट्यूबवेल की व्यवस्था करवाये| इसके अतिरिक्त नहर से निकलने वाली नालियां की साफ-सफाई की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान की ही होती है|
  • गांव में स्वच्छता बनाए रखना:- ग्रामीण इलाकों में नालियों की साफ-सफाई, गांवों में समय-समय पर दवा का छिड़काव एवं आशा बहुओं द्वारा समय समय पर टीकाकरण जैसी छोटी-छोटी गोष्ठियों का आयोजन करना ग्राम प्रधान का ही कार्य होता है|
  • गांव के अंदर एवं सार्वजनिक स्थानों पर बिजली की व्यवस्था करना:- ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी होती है| कि गांव में उपस्थित मंदिर, मस्जिद या अन्य पूजा स्थलों पर बिजली की व्यवस्था होनी चाहिए|
  • दाह संस्कार या कब्रिस्तान की व्यवस्था करना:- गांव में अलग-अलग समुदाय के लोग निवास करते हैं| इसलिए ग्राम प्रधान का कर्तव्य होता है, कि वह गांव के बाहर धर्म एवं समुदाय के अनुसार कब्रिस्तान या दाह संस्कार के लिए स्थान का निर्माण करवाएं|
  • कृषि के कार्यक्रमों में हिस्सा लेना:- गांव में किसानों के लिए समय-समय पर कृषि गोष्ठी का आयोजन करवाने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान की होती है| जिससे किसानों को खेती से जुडी हुए नई-नई जानकारियां मिल सके|
  • गांव में शिक्षा को बढ़ावा देना:- ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी होती है, कि वे बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाएं और समय-समय पर जागरूकता रैली निकालकर गांव के लोगों को शिक्षा के महत्व को समझाएं ताकि गांव का प्रत्येक बच्चा शिक्षित हो सके|
  • गांवो में खेल का मैदान की व्यवस्था करना:- गांव में बच्चों के लिए खेल के मैदान का इंतजाम करना एवं खेल से संबंधित सामानों की व्यवस्था करना ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी होती है| इसके अतिरिक्त खेल से जुड़े हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं को समय-समय पर आयोजित करना ग्राम प्रधान का कार्य होता है|

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  • गांव में सड़कों एवं सार्वजनिक स्थानों पर पेड़ लगवाना:- ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी होती है कि वह गांव में जरूरी स्थानों पर पेड़ लगवाए और दूसरों को भी प्रोत्साहित करें|
  • सरकार के द्वारा लाई जाने वाली स्कीमों को गांव में सूचित करवाना:- दोस्तों, भारत सरकार समय-समय पर अनेकों स्कीम लाती हैं| जैसे बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ, उन्नति किसान या ग्रामीणो के लिया कालोनियां जैसी स्कीम लाई जाती है| इन सभी स्कीमों के बारे में गांव के लोगों को अवगत करवाना एवं गांव के लोगों के लिए इन सुविधाओं को मुहैया करवाना ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी होती है|
  • गांव में आंगनवाड़ी की व्यवस्था करवाना:- प्रत्येक गांव में एक आंगनवाड़ी केंद्र होता है| जिसमें बच्चों, किशोरियों एवं गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी आंगनवाड़ी में कार्य करने वाले कर्मचारियों की होती है| इन सभी की देखरेख करने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान की होती हैं|
  • गांव में शांति बनाए रखना:- ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी होती है कि गांव में किसी धर्म या समुदाय के मध्य लड़ाई झगड़े जैसा माहौल न बनने पाए| इसके अलावा किसी भी प्रकार की समस्याओं को सुलझाने जैसी अनेक कार्य ग्राम प्रधान का होता है|

इसी प्रकार ग्राम प्रधानों के अन्य अनेक कार्य हैं| जैसे स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाना, गरीब बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था करना, गांव में जन्मे बच्चों एवं वृद्धों की मृत्यु तथा विवाह आदि का रिकॉर्ड रखना, मछली पालन को बढ़ावा देना अनेक कार्य gram pradhan के होते हैं|

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Gram Pradhan का वेतन:-

दोस्तों, अलग-अलग राज्यों में ग्राम प्रधान के वेतन अलग-अलग होते हैं| इनका वेतन राज्य सरकार के द्वारा निर्धारित किया जाता है|
उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधान को मानदेय के रूप में ₹3500 प्रति महीने मिलते हैं| इसके अलावा उन्हें कुछ भत्ते मिलते हैं| जिनमें से एक यातायात भत्ता है, जो ग्राम प्रधान को ₹15000 प्रति महीने दिया जाता है| इस प्रकार एक ग्राम प्रधान का मासिक वेतन ₹18500 प्रति महीने हो जाता है|

ग्राम प्रधान का वेतन=₹ 3500(मानदेय)+₹ 15000(यातायात भत्ता)= ₹ 18500

दोस्तों आज हमने gram pradhanके कार्यों एवं उनको मिलने वाले वेतन के बारे में जानकारी दी| आशा करते हैं, कि आपको यह लेख पसंद आया होगा| आप अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं और इस लेख को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक शेयर करें ताकि उन्हें अपने gram pradhan के कर्तव्यों के बारे में जानकारी प्राप्त हो सके|