Evolution and development of computers in Hindi

Evolution and development of computers:- दोस्तों आज हम प्रत्येक कार्यों के लिए कंप्यूटर का उपयोग करते हैं| किंतु क्या आपको पता है? जब इस दुनिया में कंप्यूटर नहीं था| तब कैसे काम होता था और कंप्यूटर का उद्भव काल और विकास (Evolution and development of computers) कैसे हुआ? इन सभी जानकारियों को आज के लेख में हम आपको विस्तारपूर्वक बताएंगे। जैसा कि सभी लोग जानते हैं कि, कंप्यूटर हमारे प्रत्येक कार्यों को सरलतापूर्वक कर देता है | आने वाले समय में कंप्यूटर का विकास आधुनिक तकनीकी के द्वारा किया जा रहा है जिसके कुछ परिणाम हमें 21वी सदी में देखने को मिल रहे हैं| जैसे की स्वचालित मशीन, रोबोट आदि।

Evolution and development of computers in Hindi

कंप्यूटर का उद्भव एवं विकास (Evolution and development of computers)

कंप्यूटर का उद्भव एवं विकास (Evolution and development of computers) के इस क्रम में लकड़ी के Abacas से शुरू होकर नवीनतम उच्च गति माइक्रोप्रोसेसर (Microprocesser) में परिवर्तित हो गया है|

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Abacas (development of computers)

  • Abacas- यह एक प्राचीन गणना करने वाली यंत्र है| जिसका आवष्कार चीन में हुआ था| इसका उपयोग आंकिक गणना के लिए किया जाता है| इसे संसार का प्रथम गणनात्मक यंत्र कहा जाता है।

पास्कलाइन (Pascaline) (development of computers)

  • पास्कलाइन (Pascaline)- फ्रांस के गणितज्ञ ब्लेज पास्कल ने 1664 में प्रथम यांत्रिक गणना मशीन का आविष्कार किया| यह केवल जोड़ और घटाव जैसी क्रिया कर सकती थी| अतः इसे एडिंग मशीन (Ading Machine) भी कहा गया|

एनालिटिकल इंजन (Analytical Engine) (development of computers)

  • एनालिटिकल इंजन-ब्रिटिश गणितज्ञ चार्ल्स बैबेज ने 1833 में स्वचालित केलकुलेटर अर्थात कंप्यूटर की प्रथम परिकल्पना की | इन्हे आधुनिक कंप्यूटर का जन्मदाता (Father of computer कहा जाता है। प्रथम कंप्यूटर प्रोग्राम तैयार करने का श्रेय चार्ल्स बैबेज के शिष्य लेडी अगस्टा (Lady Augsta) को जाता है।

सेंसस टेबुलेटर (Census Tabulator) (development of computers)

  • सेंसस टेबुलेटर (Census Tabulator)– 1887 में डॉक्टर हरमन होलोरीथ ने चार्ल्स बैबेज की परिकल्पना को कंप्यूटर का रूप दिया| उन्होंने एक इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर का आविष्कार किया।

मार्क I (Mark-I) (development of computers)

  • मार्क I (Mark-I)-1937 से 1944 के मध्य आईबीएम (IBM) नामक कंपनी के सहयोग तथा वैज्ञानिक हावर्ड आईकेन के निर्देशन में विश्व के प्रथम पूर्ण स्वचालित विद्युत यांत्रिक गणना करने वाले यंत्र का आविष्कार किया| जिसे मार्क I (Mark-I) नाम दिया गया|

एबीसी कंप्यूटर (Atanasoff-Berry Computer (ABC)-

  • एबीसी कंप्यूटर (Atanasoff-Berry Computer (ABC)– 1939 में जॉन एटानसोफ और किलफोर्ड बेरी नामक वैज्ञानिकों ने मिलकर संसार का पहला इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कंप्यूटर का आविष्कार किया| इन्हीं के नाम पर इसे ABC का नाम दिया गया|

एनीवैक कंप्यूटर(ENIAC- Electronic Numerical Computer)

  • एनीएक कंप्यूटर(ENIAC- Electronic Numerical Computer)-1946 में अमेरिकी वैज्ञानिक जेपी एकर्ट और तथा जॉन मूथली ने सामान्य कार्यों के लिए प्रथम पूर्ण इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर का आविष्कार किया| जिसे ENIAC नाम दिया गया।

एडवेक कंप्यूटर (EDVAC- Electronic Discrete Variable Automatic Computer)

  • एडवेक कंप्यूटर (EDVAC- Electronic Discerete Variable Automatic Computer)-एनी 1 कंप्यूटर के प्रोग्राम में परिवर्तन करना कठिन था| इससे निपटने के लिए वान न्यूमेन ने संग्रहित प्रोग्राम की अवधारणा प्रस्तुत की तथा इसे एडवेक कंप्यूटर नाम दिया।

यूनीवैक कंप्यूटर (UNIVAC- Universal Automatic Computer)

  • यूनीवैक कंप्यूटर (UNIVAC- Universal Automatic Computer)- प्रथम व्यापारिक कंप्यूटर यूनीवैक का निर्माण 1954 में जीइसी द्वारा किया गया| इसमें कंप्यूटर की प्रथम पीढ़ी के सभी गुण समाहित है।

माइक्रोप्रोसेसर (Microprocesser) (development of computers)

  • माइक्रोप्रोसेसर (Microprocesser)-1970 में इंटेल कंपनी द्वारा प्रथम माइक्रो प्रोसेसर इंटेल 4004 के निर्माण ने कंप्यूटर क्षेत्र में क्रांति ला दी| जिसे माइक्रो कंप्यूटर कहा गया।

एप्पल II (Apple-II) (development of computers)

  • एप्पल II (Apple-II)-1977 में प्रथम व्यवसायिक माइक्रो कंप्यूटर का निर्माण किया गया जिससे एप्पल नाम दिया गया।
कंप्यूटर का विकास (development of computers)समय
Abacasचीन में
पास्कलाइन (Pascaline)1664 में
एनालिटिकल इंजन (Analytical Engine)1833 में
सेंसस टेबुलेटर (Census Tabulator)1887 में
मार्क I (Mark-I)1937 से 1944 के मध्य
एबीसी कंप्यूटर (Atanasoff-Berry Computer (ABC)1939 में
एनीएक कंप्यूटर(ENIAC- Electronic Numerical Computer)1946 में
यूनीवैक कंप्यूटर (UNIVAC- Universal Automatic Computer)1954 में
माइक्रोप्रोसेसर (Microprocesser)1970 में
एप्पल II (Apple-II)1977 में

कंप्यूटर तकनीक की पीढ़ियां (Generation of Computer)

कंप्यूटर के विभिन्न पीढ़ियों को विकसित करने का उद्देश्य सस्ता, छोटा ,तेज तथा विश्वासी कंप्यूटर बनाना था| अब तक कंप्यूटर की 5 पीढ़ियों की परिकल्पना की जा चुकी है| जो इस प्रकार है-

प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर (1st generation of Computer)-(1942-1955)

  • इस काल के कंप्यूटर का नाम यूनीवाश था| जिसका प्रयोग अमेरिका में किया गया था|
  • इसी समय में कंप्यूटरों में निर्वात ट्यूब्स (Vaccume Tubes) का प्रयोग करना शुरू हुआ।
  • इस समय के कंप्यूटर आकार में बड़े और अधिक ऊर्जा लेने वाले कंप्यूटर थे।
  • इस कंप्यूटर में सारे निर्देश तथा सूचनाएं 0 तथा 1 के रूप में कंप्यूटर में संग्रहित होते थ, तथा इसमें मशीनी भाषा का प्रयोग किया गया था।
  • कंप्यूटर में डाटा को संग्रह करने के लिए पंच कार्ड का प्रयोग किया जाता था।
  • पहली पीढ़ी के कंप्यूटर का उपयोग मुख्यता वैज्ञानिक अनुसंधान तथा सैनिक कार्यों में किया गया था।
  • ENIAC, UNIVAC and Mark-I एक इसके उदाहरण है।

द्वितीय पीढ़ी के कंप्यूटर (2nd generation of Computer)(1955-1964)

  • द्वितीय पीढ़ी के कंप्यूटरों में निर्वात ट्यूब (Vaccume Tubes) की जगह हल्के, छोटे ट्रांजिस्टर का प्रयोग किया जाने लगा| जो निर्वात ट्यूब (Vaccume Tubes) के अपेक्षा हल्के एवं छोटे और कम विद्युत खपत करने वाले यंत्र थे।
  • कंप्यूटर में डाटा संग्रह करने के लिए पंच कार्ड की जगह Tape तथा Disk का प्रयोग करना शुरू हो गया| जिससे कंप्यूटर की गति काफी तेज हो गई थी।
  • दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटरों का उपयोग व्यवसाय एवं उद्योग जगत में भी किया जाने लगा।
  • इन कंप्यूटरों में आंकड़ों को निरूपित करने के लिए मैग्नेटिक कोर का प्रयोग किया गया।
  • द्वितीय पीढ़ी के कंप्यूटरों में नए प्रोग्रामिंग भाषा COBOL तथा FORTRON का विकास किया गया।

तृतीय पीढ़ी के कंप्यूटर (3rd generation of Computer)(1965-1964)

  • इस पीढ़ी के कंप्यूटर में ट्रांजिस्टर की जगह इंटीग्रेटेड सर्किट चिप (IC-Chip) का प्रयोग करना आरंभ हुआ|
  • जिसके पश्चात SSI (Small Scale Intergration) तथा बाद में MSI (Small Scale Intergration) चिप का विकास हुआ।
  • तीसरी पीढ़ी के दौरान BASIC, PL-I तथा PASCAL जैसे उच्च स्तरीय भाषाओं का विकास हुआ।
  • इसी पीढ़ी में टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम का भी विकास हुआ।
  • हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर अलग-अलग मिलने प्रारंभ हो गई ताकि कंप्यूटर यूजर्स अपने आवश्यकता अनुसार सॉफ्टवेयर ला सकें।
  • व्यवसाय तथा व्यक्तिगत कार्यों के लिए कंप्यूटर का प्रयोग आरंभ हो गया।
  • इनपुट तथा आउटपुट उपकरण के रूप में क्रमश कीबोर्ड (Keyboard) और मॉनिटर का प्रयोग प्रचलित हुआ।
  • 1965 में DEC (Digital Equipment Corporation) द्वारा प्रथम व्यवसायिक मिनी कंप्यूटर PDP- 8 का विकास किया।

चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर (4th generation of Computer)1975 up till Now

  • इस पीढ़ी के कंप्यूटर को माइक्रो प्रोसेसर के युग के रूप में जाना जाता है।
  • इस समय के कंप्यूटर में LSIIC की जगह VLSI (Very Large scale intergration) तथा ULSI (Ultra Large scale intergration) का प्रयोग आरंभ हुआ।
  • माइक्रो प्रोसेसर के इस्तेमाल से अत्यंत छोटा और हाथ में लेकर चलने वाले कंप्यूटर का विकास संभव हो पाया।
  • इस पीढ़ी में तीव्र गति से चलने वाले कंप्यूटर नेटवर्क जैसे LAN और WAN का भी विकास हुआ।
  • चौथी पीढ़ी में C तथा PASCAL प्रोग्रामिंग भाषा का उपयोग आरंभ हुआ जिसके कारण पुरानी कंप्यूटर प्रोग्रामिंग भाषा का उपयोग होना बंद हो गया।
  • कंप्यूटर में ऑपरेटिंग सिस्टम MS-DOS, Microsoft Windows तथा एप्पल ऑपरेटिंग सिस्टम (Apple- OS) का विकास हुआ।
  • उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा का मानवीकरण किया गया जिससे किसी भी प्रोग्राम को सभी कंप्यूटर में चलाया जा सकता है।
  • माइक्रोप्रोसेसर का विकास एम इ हाफ ने 1971 में किया इससे व्यक्तिगत कंप्यूटर का विकास होना संभव हो पाया।

पांचवी पीढ़ी या वर्तमान पीढ़ी के कंप्यूटर (5th generation of Computer)at Present

  • इस पीढ़ी के अंतर्गत VLSI (Very Large scale intergration) के स्थान पर ULSI (Ultra Large scale intergration) का विकास हुआ।
  • डाटा को संग्रह करने के लिए ऑप्टिकल डिस्क जैसे सीडी डीवीडी या ब्लू रे डिस्क का विकास हुआ।
  • नेटवर्किंग के क्षेत्र में इंटरनेट ईमेल तथा का विकास हुआ।
  • पोर्टेबल पीसी और डेस्कटॉप पीसी में कंप्यूटर के क्षेत्र में एक नई क्रांति ला दी।
  • नए कंप्यूटरों में कृत्रिम ज्ञान क्षमता (Artificial Intelligence) डालने के प्रयास लगातार चल रहे हैं जिससे कंप्यूटर परिस्थितियों के अनुसार स्वयं से निर्णय ले सके।

दोस्तों आज हमने कंप्यूटर के उद्भव एवं विकास (Evolution and development of computers) के बारे में जानकारी दी| यदि आप कंप्यूटर से संबंधित अन्य जानकारियां या प्रश्नों के बारे में जानना चाहते हैं, तो आप हमारे कमेंट बॉक्स सेक्शन में जरूर बताएं| आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है तथा इस जानकारी को अन्य लोगों तक जरूर शेयर करें।