History of Magadh Dynasty

दोस्तों, आज हम अपने भारत देश के सबसे पुराने साम्राज्य में से एक साम्राज्य, मगध का साम्राज्य(Magadh Dynasty) के बारे में जानकारी देंगे| मगध साम्राज्य(Magadh Dynasty) हमारे भारत देश में पुराना साम्राज्य है यह 648 ईसा पूर्व से 320 ईसा पूर्व तक भारत में स्थापित रहा| विद्वानों के अनुसार मगध साम्राज्य(Magadh Dynasty का उल्लेख भारत के दो महाकाव्य रामायण और महाभारत में भी किया गया है|आज के लेख में हम आपको मगध साम्राज्य के शासकों एवं उनके पतन के बारे में आपको संक्षिप्त में जानकारी देंगे|आज के लेख को शुरू करने से पहले हम आपको मगध साम्राज्य(Magadh Dynasty) के शासकों राजवंश एवं शासन काल के बारे में संक्षिप्त विवरण इस तालिका के माध्यम से दे रहे हैं|

History of Magadh Dynasty
राजवंश के नाम कब से कब तक राजाओ के नाम
हर्यंका राजवंश544 ईसा पूर्व से 454 ईसा पूर्व1-बिम्बिसार
2-अजातशत्रु /कुणिक
3-उदायिन/उदयभद्र
शिशुनाग राजवंश454 ईसा पूर्व से 344 ईसा पूर्व1-शिशुनाग
2-कालाशोक/काकवर्ण
नंदा राजवंश344 ईसा पूर्व से 322 ईसा पूर्व1-महापद्य
2-घनानन्द

Magadh Dynasty

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भारत में मगध साम्राज्य(Magadh Dynasty) का विस्तार रामायण एवं महाभारत के महान काव्यो में मिल जाता है |मगध साम्राज्य का शासन काल 684 ईसा पूर्व से 320 ईसा पूर्व तक भारत में रहा|मगध साम्राज्य(Magadh Dynasty) के तीन राजवंश(हर्यंका राजवंश, शिशुनाग राजवंश, नंदा राजवंश), जिन्होंने अलग-अलग समय में मगध साम्राज्य पर शासन किया|अब हम आपको प्रत्येक शासन काल के राजवंश के राजाओं एवं इनके पतन के बारे में जानकारी संक्षिप्त रूप से देंगे|

मगध साम्राज्य(Magadh Dynasty) का उद्भव:-

भारत देश में मगध राज्य(Magadh Dynasty का विस्तार बिहार के दक्षिण भाग में स्थित पटना और गया जिले से हुआ था| राज्य के उत्तर दिशा में गंगा नदी और पश्चिम दिशा में सोन नदी प्रवाहित होती है| मगध राज्य(Magadh Dynasty के दक्षिण में विंध्य पर्वत और पूर्वी दिशा में चंपा नदी बहती है|मगध साम्राज्य की जमीन है| चारों ओर से नदियों से घिरे होने की वजह से यहाँ की जमीन काफी उपजाऊ थी| इस राज्य का मुख्य व्यवसाय कृषि था|मगध राज्य(Magadh Dynasty की जमीन उपजाऊ होने के कारण यहां के लोग अनाज, फल, फूल एवं बागान आदि अधिक मात्रा में उगाते थे|मगध राज्य(Magadh Dynasty) की सेना में हाथियों का उपयोग अधिक किया जाता था जिसके कारण मगध राज्य 16 महाजनपद को जीतकर सबसे सबसे शक्तिशाली राज्य बन कर उभरा|

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हर्यक वंश (पितृहन्ता वंश)(544 ईसा पूर्व से 454 ईसा पूर्व):-

हर्यक वंश को पितृहंता वंश भी कहते हैं| इस वंश में जितने भी राजा हुए हैं, लगभग सभी ने अपनी पिता की हत्या करने के पश्चात ही गद्दी प्राप्त की है|मगध साम्राज्य(Magadh Dynasty) के हर्यक वंश की स्थापना बिंबिसार राजा के द्वारा की गई थी| किंतु यह जानकारी सही नहीं है| क्योंकि महावंश में कहा गया है, कि बिंबिसार के पिता जी ने 15 वर्ष की आयु में ही बिंबिसार का राज तिलक कर दिया था| विद्वानों की सर्वसम्मति के पश्चात यह माना जाने लगा कि, बिंबिसार के राजतिलक करके गद्दी पर बैठा जाने के पश्चात ही हर्यक वंश की स्थापना हुई|

बिंबिसार (546 ईसा पूर्व से 494 ईसा पूर्व):-

बिंबिसार ने लगभग 52 वर्षों तक शासन किया| बिंबिसार की हत्या, बिंबिसार के पुत्र अजातशत्रु ने बंदी बनाकर कारागार में कर दी थी|बिंबिसार के अनुसार राज्य का विस्तार वैवाहिक गठबंधन के माध्यम से करना उचित होता था| इसलिए उन्होंने वैवाहिक गठबंधन के माध्यम से अपने साम्राज्य की स्थिति और समृद्धि को मजबूत बनाया| बिंबिसार का पहला विवाह कुशल देवी नामक महिला से हुआ और बिंबिसार को दहेज के रूप में काशी प्रांत दिया गया|बिंबिसार का दूसरा विवाह परिवार की चेल्लाना नामक राजकुमारी से हुआ था| वैवाहिक गठबंधन से बिंबिसार की उत्तरी सीमा सुरक्षित हो गई थी|

इसके पश्चात बिंबिसार ने मध्य पंजाब के शाही परिवार की लड़की खेमा से विवाह किया|इस विवाह के कारण विशाल ने मध्य पंजाब में भी अपना दबदबा बना लिया मध्य पंजाब से लगे हुए प्राण ब्रह्मदत्त को युद्ध में हरा कर , उसके साम्राज्य को भी अपने राज्य में मिला लिया|जिसके करना मगध साम्राज्य(Magadh Dynasty) का विस्तार हुआ|बिंबिसार के तालुक, अवंती राज्य के राजाओं से अच्छे थे|

बिंबिसार की मृत्यु(Death of Bimbisar):-

ग्रंथों के अनुसार बिंबिसार, अजातशत्रु को अपने उत्तराधिकारी के रूप में राजा घोषित करने वाले थे| किंतु कुछ दुश्मनों के गुप्त सूचना से अजातशत्रु को पता चलता है, कि वह अपनी दूसरी पत्नी के पुत्र को राजा के रूप में घोषित करने वाले हैं| इस कारण अजातशत्रु ने बिंबिसार को कारागार में डाल कर उनकी हत्या कर दी|यह राजवंश मगध साम्राज्य(Magadh Dynasty) का सबसे कलंकित राजवंश था|

अजातशत्रु (494 ईसा पूर्व से 462 ईसा पूर्व):-

बिंबिसार की हत्या करके अजातशत्रु ने अपने पिता से राज्य को छीन लिया| अजातशत्रु अपने शासन काल में मगध साम्राज्य (Magadh Dynasty) के विस्तार के लिए आक्रमण नीति को अपनाता रहा| इस नीति से उसने काशी और कौशल जैसे राज्य को भी अपने साथ मिला लिया| जिस कारण मगध और कौशल राज्य के मध्य अशांति बनी रही| जिसके पश्चात कौशल के राजा को अपनी पुत्री का विवाह अजातशत्रु के साथ करना पड़ा और दहेज के रूप में उसे काशी राज्य देना पड़ा|अजातशत्रु ने वैशाली गणराज्य के खिलाफ युद्ध करने की घोषणा कर दी थी| जिसके पश्चात वे वैशाली गणराज्य को जीत गए|यह युद्ध 16 वर्षों तक चलता रहा|अजातशत्रु जैन धर्म का अनुयाई था| किंतु बाद में वह बाद बौद्ध धर्म को अपना लिया| अजातशत्रु ने कई चैत्य और विहारओं का निर्माण करवाया|

अजातशत्रु की मृत्यु(Death of Azatshatru):-

बौद्ध ग्रंथ के अनुसार अजातशत्रु की हत्या , उदय भद्र के द्वारा की गई थी| उदय भद्र अजातशत्रु का पुत्र था|

उदयीन / उदय भद्र (461 ईसा पूर्व से 445 ईसा पूर्व):-

उदय भद्र ने अपने पिता अजातशत्रु की हत्या करके सिहासन प्राप्त किया, और लगभग 16 वर्षों तक राज्य किया| उदय भद्र ने सोन और गंगा नदी के किनारे स्थित कुसुमपुर गांव को पाटिल पुत्र के नाम से स्थापित किया| उदय भद्र ने पाटिलपुत्र के मध्य में 16चैत्य और विहारओं का निर्माण करवाया|
उदय भद्र का कोई भी उत्तराधिकारी नहीं था| जिस कारण उदय भद्र ने अपने मंत्री शेषनाग को राजा के रूप में राजगद्दी सौंप देता है|

शिशुनाग राजवंश(454 ईसा पूर्व से 344 ईसा पूर्व):-

शिशुनाग ने अपने शासनकाल में अवंती राज्य को जीत लिया और मगध साम्राज्य में सम्मिलित कर लिया| कालाशोक को शिशुनाग ने अपना उत्तराधिकार बनाया| उन्होंने 382 ईसा पूर्व में वैशाली स्थान पर दूसरी बौद्ध परिषद को आयोजित करवाया|

नंदा राजवंश(344 ईसा पूर्व से 322 ईसा पूर्व):-

महापद्य, शिशुनाग राजवंश के अंतिम राजा कालाशोक को मारकर नंद राजवंश की स्थापना की इस राजवंश को उग्रसेना(विकराल सेना) के नाम से भी जाना जाता है| महापर्व को एक्रांत (एकमात्र सम्राट) के रूप में जाना जाता है| भारतीय इतिहास में महापद्य को सबसे पहला साम्राज्य निर्माता राजा के रूप में माना जाता है| इस राजवंश के अंतिम शासक घनानंद थे|इस शासनकाल के अंत में एलेग्जेंडर ने भारत पर आक्रमण करके नंद राजवंश को खत्म कर दिया था| इस प्रकार मगध साम्राज्य(Magadh Dynasty) का अंत हो गया|

दोस्तों आज हमने मगध साम्राज्य(Magadh Dynasty के राजाओं एवं उनके कार्य कालों के बारे में जानकारी साझा की आशा करता हूं कि आपको या जानकारी अच्छी लगी होगी आप इस जानकारी को दूसरे लोगों तक ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और अपनी राय हमारे कमेंट बॉक्स में जरूर दें|