Indian History Important Wars, भारतीय इतिहास में लड़े गए महत्वपूर्ण युद्ध ।

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम भारत के प्रमुख युद्ध (Indian History Important Wars) के बारे में बात करेंगे| हमारे देश में समय-समय पर कई महान युद्ध में जो अनेक राजाओं के मध्य एवं दूसरे देशों के मध्य हुए हैं| आज के इस आर्टिकल में हम कुछ उन महत्वपूर्ण युद्ध के बारे में बात करेंगे, जिसके बाद लगभग देश में एक नया परिवर्तन आया|

Indian History Important Wars, भारतीय इतिहास में लड़े गए महत्वपूर्ण युद्ध ।

इसके अलावा अंत में हम कुछ भारत के महत्वपूर्ण युद्ध (Indian History Important Wars) के बारे में बात करेंगे जो अलग-अलग समय पर विभिन्न राजाओं के मध्य लड़े गए| उन सभी युद्धों की सूची आपको इस आर्टिकल के अंत में मिल जाएगी| तो आप इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें तो आइए शुरू करते हैं|

Indian History Important Wars(भारत के महत्वपूर्ण युद्ध एवं लड़ाइयां)

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भारत में अनेकों वर्षों से विभिन्न वंश के शासकों, राजाओं एवं यूरोपीय देशों के मध्य युद्ध होता रहा है| यह युद्ध भारत के इतिहास में बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं| भारत के इतिहास में प्रमुख युद्ध में से कुछ युद्धों के विस्तार निम्न है-

List of Indian History Important Wars

कलिंग का युद्ध (261 ईसा पूर्व)-

दोस्तों, भारत के महान शासक सम्राट अशोक और कलिंग देश के मध्य 261 ईसा पूर्व में युद्ध हुआ था| जिसे कलिंग के युद्ध के नाम से भी जाना जाता है| यह युद्ध इतना विनाशकारी था, कि इस युद्ध में लगभग एक लाख से अधिक सैनिक मारे गए थे और अनेकों सैनिक घायल हुए थे|यह महत्वपूर्ण युद्ध साबित हुआ क्योकि, इस युद्ध में हुए भारी हानि को देखकर अशोक का ह्रदय परिवर्तित हो गया और यह युद्ध सम्राट अशोक के जीवन का आखिरी युद्ध था| इस युद्ध के बाद अशोक ने बौद्ध धर्म को अपना लिया और शपथ ली, कि जीवन में कभी भी हिंसा के पद पर नहीं चलेंगे|

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तराइन का प्रथम युद्ध सन 1191 ई.-

सन 1191 ई में चौहान वंश के राजा पृथ्वीराज चौहान और मोहम्मद गौरी के मध्य प्रथम युद्ध हुआ |जो तराइन के क्षेत्र में होने के कारण तराइन का युद्ध कहलाया| इसमें मोहम्मद गौरी, पृथ्वीराज चौहान से पराजित हुए और युद्ध क्षेत्र से भाग खड़े हुए| इस युद्ध के बाद पूरे भारत देश में पृथ्वीराज चौहान की वीरता की बातें गूंजने लगी|

तराइन का द्वितीय युद्ध सन 1192 ई.-

मोहम्मद गोरी ने पृथ्वीराज चौहान के शत्रु जयचंद के साथ मिलकर 1192 में दुबारा पृथ्वीराज चौहान पर आक्रमण किया| इस युद्ध को तराइन का द्वितीय युद्ध कहा जाता है| इस युद्ध में जयचंद के देशद्रोही बनने और पृथ्वीराज के समर्थक राजपूतों को अपने इशारे पर नचाने के कारण पृथ्वीराज चौहान की पराजय हुई| मोहम्मद गोरी अपने सेनापति कुतुबुद्दीन ऐबक को भारत का शासक बना दिया था और अपने देश पुनः लौट गया|इस महत्वपूर्ण युद्ध के बाद भारत में गुलाम वंश स्थापित हुआ|इसी समय भारत में प्रथम बार मुस्लिम साम्राज्य स्थापित हुआ| कुतुबुद्दीन ऐबक के द्वारा दिल्ली में गुलाम वंश स्थापित किया गया और दिल्ली सल्तनत पर गुलाम वंश का राज स्थापित हुआ|

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पानीपत का प्रथम युद्ध 1526 ई.-

लोदी वंश के शासक इब्राहिम लोदी और बाबर के मध्य पानीपत का प्रथम युद्ध लड़ा गया| इस युद्ध में इब्राहिम लोदी हार हुई और बाबर ने मुगल साम्राज्य की नीव भारत में रखी| बाबर ने पहली बार भारत में तोपों का इस्तेमाल किया था| इसी कारण बाबा की जीत हुई थी| बाबर ने दिल्ली के सल्तनत के पतन के बाद उनके शासकों को सुल्तान कहे जाने की परंपरा को तोड़ दिया, और अपने आप को बादशाह कहलवाना शुरू कर दिया|

पानीपत का द्वितीय युद्ध 1556 ई.-

मुगल शासक अकबर और सेनापति हेमू के मध्य 5 नवंबर 1556 ई को पानीपत का द्वितीय युद्ध हुआ| हेमू, अफगान देश के शासक मोहम्मद आदिल शाह का सेनापति था| अकबर और हेमू के मध्य युद्ध में हेमू पराजित हुआ और मारा गया| हेमू की मृत्यु के बाद अफगान का शासनकाल खत्म हुआ और अफगान में भी मुगलों के लिए रास्ता साफ हो गया था|

तालीकोटा का युद्ध 1564-65 ई.-

तालीकोटा का युद्ध निजाम शाह (जिन्हें दक्कन का सल्तनत भी कहते हैं) एवं विजयनगर के राजा रामराय के मध्य हुआ| इस युद्ध में राजा रामराय की हार हुई| जिसके बाद दक्षिण भारत में हिंदू साम्राज्य का अंत हो गया|

हल्दीघाटी का युद्ध 1576 ई.-

18 जून 1576 ई को मुगल शासक अकबर और महाराणा प्रताप के मध्य हल्दीघाटी का युद्ध हुआ था| राजा मानसिंह ने मुगल सेना का नेतृत्व किया था| यह मुगलों और राजपूतों के मध्य सबसे भीषण युद्ध माना जाता है|इस युद्ध में जनहानि अधिक मात्रा में हुई| जिसके कारण राणा प्रताप की पराजय हुई और वे अरावली की पहाड़ी में शरण लेने चले गए|

प्लासी का युद्ध 1757 ई.-

23 जून 1757 ईस्वी को अंग्रेजों और बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला के मध्य प्लासी का युद्ध हुआ| यह युद्ध प्लासी नामक स्थान पर हुआ था|रोबर्ट क्लाइव ने अंग्रेजों की अगुवाई की तथा मीर जाफर ने बंगाल की सेना की अगुवाई की थी| इस युद्ध में मीरजाफर ने नवाब सिराजुद्दौला को धोखा दिया| जिसके कारण सिराजुद्दौला युद्ध हार गए| इस हार के बाद भारत में अंग्रेजी साम्राज्य की स्थिति और मजबूत हो गई थी|

वादियांवास का युद्ध 1760 ई.-

इस युद्ध को वांडीवंश युद्ध के नाम से भी जाना जाता है| यह युध्य ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी और फ्रेंच ईस्ट इंडिया कंपनी के मध्य 1760 ई में लड़ा गया था| जिसमें अंग्रेजी शासकों ने फ्रांसीसी शासकों को हरा दिया| जिसके परिणामस्वरूप भारत में आई विभिन्न यूरोपीय कंपनियों में से केवल ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ही भारत में राज कर पाई|

पानीपत का तृतीय युद्ध 1761 ई.-

अफगानी शासक अहमद शाह अब्दाली और मराठों के मध्य पानीपत का तृतीय युद्ध लड़ा गया| इसमें अहमद शाह अब्दाली, मराठों को पराजित कर दिया था| इस समय मुग़ल शक्ति कमजोर हो चुकी थी और मराठों का साम्राज्य विस्तार पर था| चारों ओर मराठाओं का ही बोलबाला था|इस युद्ध से पूर्व ऐसा लग रहा था कि जैसे संपूर्ण भारत पर मराठाओं का शासन हो जाएगा| लेकिन तभी अहमद शाह अब्दाली के साथ हुए युद्ध में मराठाओं को हार का सामना करना पड़ा और मराठा शक्ति का वर्चस्व समाप्त हो गया|

बक्सर का युद्ध 1764 ई.-

मीर कासिम तथा शाह आलम की संयुक्त सेना ने अंग्रेजो के खिलाफ बक्सर का युद्ध लड़ा| इस युद्ध में मीर कासिम और शाह आलम की संगठित सेना अंग्रेजों से हार गई| जिसके पश्चात संपूर्ण भारत में अंग्रेजों की शक्ति सर्वोच्च बन गई|

भारत-पाकिस्तान युद्ध 1965 ई.-

पाकिस्तान के द्वारा गुजरात और कश्मीर में आक्रमण करने के कारण यह युद्ध शुरू हुआ| यह युद्ध बिना किसी निर्णय के समाप्त हुआ| इस युद्ध को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ ने दोनों देशों के मध्य ताशकंद समझौते पर हस्ताक्षर करवाया और युद्ध को विराम किया| जिसके पश्चात सीमा पर शांति स्थापित हुई|

भारत-पाकिस्तान युद्ध 1971 ई.-

भारत और पाकिस्तान के मध्य यह युद्ध पूर्वी पाकिस्तान (जो अब बांग्लादेश के नाम से जाना जाता है) को स्वतंत्रता दिलाने के लिए लड़ा गया था| इस युद्ध में भारत ने पाकिस्तान पर विजय प्राप्त की और पूर्वी पाकिस्तान का नाम बदलकर बांग्लादेश रख दिया|यह युद्ध पश्चिमी पाकिस्तान की सेना के आत्मसमर्पण करने के बाद बंद हुआ था|

कारगिल का युद्ध 1999 ई.-

भारत और पाकिस्तान के मध्य लद्दाख के कारगिल सेक्टर में यह युद्ध लड़ा गया| यह युद्ध सबसे भीषण पर्वतीय युद्धों में से एक है| इस युद्ध में दोनों देशों से कई सैनिक शहीद हुए| भारत में इस युद्ध को ऑपरेशन विजय के नाम से जाना जाता है| पाकिस्तानी घुसपैठियों को कारगिल से भगाकर कारगिल को स्वतंत्र करवाया गया|60 दिनों से लगातार चल रहे इस युद्ध का अंत 26 जुलाई को हुआ| इसलिए 26 जुलाई को कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों के सम्मान में कारगिल दिवस के रुप में मनाया जाता है|

भारत के महत्वपूर्ण युद्ध की सूची:-

वर्ष (कब लड़ा गया)युद्ध का नामकिनके मध्य हुआ कौन जीता
326 ई.पू .हाइडेस्पीज का युद्धसिकंदर और पुरुसिकन्दर
712 ई.पू .रावर का युद्धराजा दाहिर और मोहम्मद बिन कासिममोहम्मद बिन कासिम
1001 ई.पू .पेशावर का युद्धमहमूद गजनवी और जयपालमहमूद गजनवी
1194 ई.पू .चंद्रावर का युद्धमुहम्मद गोरी और जयचंद्रमुहम्मद गोरी
1527 ई.खानवा का युद्धबाबर और राणा सांगाबाबर
1528 ई.चंदेरी का युद्धबाबर और मेदनी रायबाबर
1529 ई.घाघरा का युद्धबाबर और लोदीबाबर
1532 ई.दौराह का युद्धहुमायू और लोदीहुमायू
1539 ई.चौसा का युद्धहुमायू और शेरशाह सूरीशेरशाह सूरी
1540 ई.बिलग्राम का युद्धहुमायू और शेरशाह सूरीशेरशाह सूरी
1555 ई.सरहिंद का युद्धहुमायू और सिकंदर शाहहुमायू
1600 ई.अहमदनगर का युद्धअकबर और रानी चॉदबीबीअकबर
1707 ई.खेडा का युद्धछत्रपति शाहू और तारा बाईछत्रपति शाहू
1756 ई.बेदारा का युद्धअंग्रेज और डचअंग्रेज
1774 ई.रूहेला का युद्धहाफिज खां और अंग्रेजअंग्रेज

दोस्तों आज हमने भारत में राज करने वाले शासकों एवं अन्य देशों के मध्य लड़े गए भारत के महत्वपूर्ण युद्ध (Indian History Important Wars) के बारे में जानकारी दी| आशा करता हूं कि आपको important wars in history जानकारी काफी पसंद आई होगी| आप अपनी राय हमारे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं तथा ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इस आर्टिकल को शेयर करें|