LASIK Surgery क्या होता है जाने हिंदी में।

LASIK Surgery क्या होता हैं:- दोस्तों आज के समय में बहुत से व्यक्ति आंखों की परेशानी से ग्रसित है, और अधिकतर लोग इस परेशानी से बचने के लिए आंखों के चश्मे का इस्तेमाल करते हैं। 21वीं सदी में व्यक्ति अपना अधिक समय कंप्यूटर स्क्रीन या मोबाइल के स्क्रीन पर व्यतीत करता है| जिसके कारण आंखों की रोशनी कम हो जाती ,है और उन्हें चश्मे का प्रयोग करना पड़ता है| कुछ व्यक्ति आंखों के चश्मे को अपनी पर्सनालिटी पर एक धब्बा मानते हैं| जिसके कारण वे एक स्थाई इलाज करवाना चाहते हैं। ऐसे ही व्यक्तियों को आंखों के चश्मे से छुटकारा पाना चाहते है, इस लेख को अंत तक अवश्य पढ़ें| क्योंकि आज के लेख में हम आपको इस समस्या से कैसे छुटकारा पाएं इस बारे में जानकारी।

LASIK Surgery क्या होता है जाने हिंदी में

वैज्ञानिकों ने विज्ञान की मदद से अनेकों अविष्कार किए हैं| इसी प्रकार विज्ञान की मदद से वैज्ञानिकों ने चिकित्सा क्षेत्र में LASIK Surgery जैसी महत्वपूर्ण सर्जरी का आविष्कार किया है| जिसके द्वारा मनुष्य चश्मे से छुटकारा पा सकता है| आइए आपको LASIK Surgery के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हैं। इसके लिए आप हमारे साथ अंत तक जुड़े रहे।

LASIK Surgery क्या होता हैं?

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LASIK Surgery क्या होता हैं? :- लेसिक सर्जरी एक ऐसी सर्जरी है जो आंखों के चश्मे को हटाने या आंखों से जुड़ी अन्य समस्याएं जैसे मायोपिया (Mayopia) (पास की चीजें साफ ना देखना), हाइपरोपिया (Hyperopia) (दूर की चीज साफ ना दिखाई देना),  Astigmatism (वस्तुएं धुंधली दिखाई देती हैं) समस्याओं को दूर करने के लिए सर्जरी की जाती है। LASIK Surgery का पूरा नाम लेजर- इन-सिटू-किरेटोमिल्यूसिस (laser-assisted in situ keratomileusis) अर्थात LASIK होता है। LASIK Surgery कराने से पूर्व आंखों के सर्जन से अवश्य सलाह लेनी चाहिए। यह सर्जरी व्यक्ति को तभी करवानी चाहिए, जब आंख की दवा एवं आंखों के व्यायाम इत्यादि करने के बाद भी आंख की समस्या दूर ना हो। LASIK Surgery, चश्मा हटाने वाली सर्जरी होती है|

इस सर्जरी में लेजर के द्वारा कार्निया को सही आकार में व्यवस्थित कर दिया जाता है| जिससे रेटिना पर पड़ने वाले प्रकाश सही प्रकार से आते हैं, और चित्र बनते हैं। कार्निया के ऊपर एक पलती फ्लैप बनाने के लिए डॉक्टर लेजर का उपयोग करते हैं।

LASIK Surgery कराने के कारण

लेसिक सर्जरी आंखों के उपचार के लिए बेहतर साबित होता है। इस सर्जरी को कराने की सलाह सभी लोगों को नहीं दी जाती है| इसके लिए कुछ विशिष्ट बातों का ध्यान रखना पड़ता है| जो निम्न है।

  • व्यक्ति के आंखों की दृष्टि की क्षमता- 1 से – 8 के मध्य होनी चाहिए।
  • व्यक्ति की जब कॉर्निया बेहद पतली हो जाए और वस्तु साफ न दिखाई दे |तभी इस सर्जरी को करना बेहतर होता है।
  • जिन व्यक्तियों को मायोपिया (Mayopia) (पास की चीजें साफ ना देखना), हाइपरोपिया (Hyperopia) (दूर की चीज साफ ना दिखाई देना),  Astigmatism (वस्तुएं धुंधली दिखाई देती हैं) जैसी समस्याएं होती हैं| वे भी इस सर्जरी को करवा सकते हैं।
  • जिन व्यक्तियों को आंखों में चश्मा लगा हो| फिर भी कंप्यूटर पर काम अधिक समय तक नहीं कर पाते| वे भी इस सर्जरी को करवा सकते हैं।
  • आंखों की समस्याओं के लिए अनेक प्रकार की दवा का प्रयोग करके भी समस्या को ठीक नहीं किया जा सके| तब इस स्थिति में यह सर्जरी करवानी लाभदायक होती है।

लेजर सर्जरी कैसे की जाती है?

लेसिक सर्जरी का ऑपरेशन करने में 30 मिनट या उससे भी कम समय लगता है| इस ऑपरेशन को करने के लिए कुछ निम्न स्टेप करने होते हैं, जो इस प्रकार हैं-

  1. सबसे पहले व्यक्ति को Reclining Chair पर लेटा दिया जाता है।
  2. उसके पश्चात Reclining Chair पर लेटे व्यक्ति को दवा दी जाती है| ताकि उसे आराम मिल सके।
  3. लेसिक सर्जरी करवाने वाले व्यक्ति को आंखों में नंबिंग ड्रॉप (Numbing Drop) दवा डालने के लिए कहा जाता है।
  4. व्यक्ति की आंखों में नंबिंग ड्रॉप (Numbing Drop) डालने के पश्चात डॉक्टर मेडिकल Instrument का प्रयोग करके आंखों की पुतली को खोले रखते हैं।
  5. सेक्शन रिंग के द्वारा व्यक्ति के कॉर्निया फ्लैप को काटा जाता है| जिसके पश्चात व्यक्ति को देखने में तकलीफ हो सकती है।
  6. डॉक्टर्स के द्वारा कॉर्निया के फ्लैप हिस्से को काटने के पश्चात स्मॉल ब्लेड (Small Blade) का इस्तेमाल करके फ्लैप को पुनः व्यवस्थित कर दिया जाता है।
  7. कॉर्निया के फ्लैप को पुनः व्यवस्थित करने के लिए लेजर का प्रयोग भी किया जाता है।
  8. इस ऑपरेशन में प्रयोग किए गए लेजर बीम (Laser Beam) को धीरे-धीरे करके Pulse के साथ हटा दिया जाता है।
  9. कार्निया को पुनः व्यवस्थित करने के पश्चात डॉक्टर फ्लैप को पहली जगह पर लगा देते हैं| सामान्यतः फ्लैप खुद ही ठीक हो जाती है| जिसके लिए किसी भी प्रकार का टांका नहीं लगाया जाता।
  10. इस पूरे ऑपरेशन की प्रक्रिया में व्यक्ति को एक प्रकाश पुंज (Light Point) की ओर ध्यान केंद्रित करना होता है।

LASIK Surgery कराने के बाद किए जाने वाले कार्य

लेसिक सर्जरी काफी सावधानी पूर्वक की जाने वाली सर्जरी है| इस सर्जरी के पश्चात व्यक्ति को कुछ कार्यों में सावधानी बरतनी चाहिए| इसलिए उन्हें डॉक्टर की सलाह के अनुसार कार्य करने चाहिए| जो निम्न है-

  • लेसिक सर्जरी के पश्चात व्यक्ति को वेटिंग रूम में कम से कम एक से डेढ़ घंटे रुकना आवश्यक है।
  • इस दौरान व्यक्ति की आंखों की जांच की जाती है, और यह सुनिश्चित किया जाता है, कि लेसिक सर्जरी सफल हुई या नहीं।
  • सर्जरी के पश्चात व्यक्ति की आंखों में सामान्य समस्याएं जैसे जलन होना, आंखों से पानी निकलना या आंखों में खुजली होना जैसी समस्याएं होती हैं| इसलिए डॉक्टर के द्वारा दी जाने वाली आई ड्रॉप्स (Eyes Drop) का प्रयोग करना चाहिए।
  • लेसिक सर्जरी के बाद एक विशेष प्रकार का चश्मा दिया जाता है| जिससे वह सूर्य की तेज रोशनी एवं उनकी किरणों से आंखों को बचा सके।

LASIK Surgery कराने के फायदे

लेसिक सर्जरी की प्रक्रिया बेहद फायदेमंद होती है| जिसके कारण व्यक्ति के जीवन में बदलाव आता है| किंतु कुछ ऐसे व्यक्ति होते हैं, जो लेसिक सर्जरी के फायदे से अनजान होते हैं। जो व्यक्ति लेसिक सर्जरी करवाते हैं, वे मुख्य पांच प्रकार के लाभ उठा सकते हैं| जो निम्न है-

  1. कई व्यक्तियों को चश्मे लगाने के कारण आंखों एवं कानों पर दर्द महसूस होता है| किंतु इस प्रक्रिया को करवाने के पश्चात दर्द नहीं होता।
  2. इस पूरी सर्जरी में किसी भी प्रकार के टांको का प्रयोग नहीं किया जाता है।
  3. सर्जरी के पश्चात व्यक्ति के आंखों की रोशनी में काफी परिवर्तन आता है| जिससे व्यक्ति वस्तुओं को बेहतर ढंग से देख सकता है।
  4. लेसिक सर्जरी करवाने के पश्चात व्यक्ति को धूप के चश्मे या कांटेक्ट लेंस से छुटकारा मिल जाता है।
  5. लेसिक सर्जरी बेहद कारगर साबित होती है| यदि कोई व्यक्ति लेसिक सर्जरी करवाता है, तो लगभग 99% चांस होता है| कि उसके आंखों की रोशनी बेहतर हो जाती है।

LASIK Surgery करवाने पर आने वाले खर्च

लेसिक सर्जरी करवाने से पूर्व व्यक्ति के मन में यह प्रश्न हमेशा होता है, कि इस सर्जरी को करवाने में कितना खर्च लगेगा| हालांकि यह प्रक्रिया थोड़ी महंगी है, किंतु अलग-अलग तकनीकी से करने पर इसके खर्च कुछ कम किए जा सकते हैं| जो निम्न है-

तकनीकीकीमत
टोपोग्राफी गाइडेड लेसिक (Topography Guided LASIK)30 से ₹80 हजार
वेवफ्रंट लेसिक (Wavefront LASIK)30 से ₹80 हजार
माइक्रोकेटमे (MicroKeratome)30 से ₹80 हजार
फेम्टो सेकेंड (Femtosecond)1 लाख या उससे अधिक

लेसिक सर्जरी के नुकसान

लेसिक सर्जरी सामान्य तौर पर बेहद लाभदायक सर्जरी है| किंतु इस सर्जरी के कुछ नुकसान भी है| जो निम्न है-

  • यदि यदि किसी व्यक्ति की लेसिक सर्जरी एक बार असफल हो जाए| तो वह दोबारा आंखों का उपचार नहीं करवा सकता।
  • गर्भवती महिलाएं इस सर्जरी को नहीं करवा सकती| क्योंकि इस सर्जरी का असर गर्भ में पल रहे बच्चे को भी हो सकता है।
  • लेसिक सर्जरी के असफल होने पर आंखों की रोशनी जा सकती है।

दोस्तों आज हमने लेसिक सर्जरी से जुड़े समस्त जानकारियों (LASIK Surgery क्या होता हैं?) के बारे में जानकारी आपको दी| आशा करता हूं कि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी| आप अपनी राय हमारे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं| आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है, तथा जिन व्यक्तियों को लेसिक सर्जरी के द्वारा आंखों का उपचार करवाना चाहते हैं| उन सभी लोगों तक इस लेख को जरूर शेयर करें ताकि उन्हें भी इस सर्जरी के फायदे प्राप्त हो सके।