मगध राज्य का उत्कर्ष , हर्यक वंश, शिशुनाग वंश, नन्द वंश, विदेशी आक्रमण हिंदी में |

Dear Readers आज हम आप लोगो के लिए प्राचीन भारत के इतिहास से एक बहुत ही महत्वपूर्ण Topic लेकर आये है, जिसका नाम है “मगध राज्य का उत्कर्ष , हर्यक वंश ,शिशुनाग वंश, नन्द वंश और विदेशी आक्रमण”| इस Topic से हमेशा ही महत्त्वपूर्ण प्रश्न बनते है| जो छात्र इस Subject से सम्बंधित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए आज का हमारा यह Post बहुत ही  Helpful है| मगध राज्य का उत्कर्ष कैसे हुआ और कैसे मगध राज्य इस 16 महाजनपदो में से सबसे विस्तृत और शक्तिशाली राज्य के रूप में उभर कर आया था |

मगध राज्य का उत्कर्ष-

सोलह महाजनपदो में से प्रमुख प्रतिद्वंदी मगध और अवन्ति के बीच में था परंतु अंतिम विजय मगध  को ही मिला,क्योंकि मगध के पास अनेक योग्य शासक जैसे बिंबसार,अजातशत्रु थे|

लोहे की खान मगध राज्य में अत्यधिक थी और वहां के जंगलों को लोहे के हथियार से उत्तर वैदिक काल काटे जाने के बाद आग लगा दिया गया जिससे वहां की जमीन में पोषक तत्व मिल गई और वहां की जमीनऔर उपजाऊ हो गई|अधिक फसल के उपज  होने के कारण मगध के राजा को अधिक कर प्राप्त होने लगा जिससे मगध राज्य और शक्तिशाली हो गया चूँकि अवन्ति के पास भी लोहे के हथियार थे परंतु फिर भी वह उनका अच्छे से उपयोग ना करने के कारण हार गया|