(मौर्य साम्राज्य) के पिछले सालों में पूछे गये प्रश्नों के उत्तर-व्याख्या सहित

मौर्य साम्राज्य के पिछले सालों में पूछे गये प्रश्नों के उत्तर-व्याख्या सहित -Hello दोस्तों कैसे हैं आप सभी आज हम आप सभी लोगों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण Topic शेयर कर रहे हैं जो प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर पुछा जाता है| आज हम इस पोस्ट के माध्यम से आप सभी लोगों के लिए “मौर्य साम्राज्य के पिछले सालों में पूछे गये प्रश्नों के उत्तर” आप सभी के लिए शेयर कर रहे हैं| जो छात्र  विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तयारी कर रहे हैं उन सभी के लिए आज का हमारा यह पोस्ट बहुत ही महत्वपूर्ण सवित होगा| आपस अभी छात्र इस प्रश्न को ध्यान से पढ़ें और इसे यह कर लें यह से आप के आगामी होने वाली परीक्षाओं में भी प्रश्न पूछे जायेंगे|

मौर्य साम्राज्य के पिछले सालों में पूछे गये प्रश्नों के उत्तर-व्याख्या सहित-

1-प्रश्न-प्रथम भारतीय साम्राज्य स्थापित किया गया था-(U.P. Lower Sub (Pre) 2002)
उत्तर-‘चंद्रगुप्त मोर्य द्वारा’
व्याख्या-चंद्रगुप्त मौर्य की गणना भारत के महान शासकों में होती है| वह भारत का प्रथम ऐतिहासिक सम्राट था | वह ऐसा पहला सम्राट था, जिसने वृहत्तर भारत का पहला शासन स्थापित किया और जिस का विस्तार ब्रिटिश सम्राट से बड़ा था | उसके सम्राट की सीमा ईरान से मिलती थी | उसने ही भारत में सर्वप्रथम राजनीतिक रुप से एक बंद किया|

2-प्रश्न- कौन-सा सबसे पुराना राजवंश है?-(Uttarakhand Lower Sub. (Pre) 2010)
उत्तर-‘मौर्य’
व्याख्या-उपर्युक्त दिए गए विकल्पों में मौर्य राजवंश सबसे प्राचीन है | इसका समय 323-184 ईसा पूर्व तक था | मौर्य राजवंश की स्थापना चंद्रगुप्त मौर्य ने की थी | इसके बाद कुषाण वंश, गुप्त राजवंश (319-550 ई.) और वर्धन राजवंश ने प्राचीन भारत पर शासन किया | इस प्रकार “मौर्य” उत्तर सही है|

3-प्रश्न-किसके ग्रंथ में चंद्रगुप्त मौर्य का विशिष्ट रूप से वर्णन हुआ है वह है-(46th B.P.S.C. (Pre) 2003)
उत्तर-‘विशाखदत्त’
व्याख्या-विशाखदत्त कृत ‘मुद्राराक्षस’ से चंद्रगुप्त मौर्य के विषय में विस्तृत सूचना प्राप्त होती है| इस ग्रंथ में चंद्रगुप्त को नंदराज का पुत्र माना गया है| मुद्राराक्षस में चंद्रगुप्त को ‘वृषल’ तथा ‘कुलीन’ भी कहा गया है| धुंडीराज ने मुद्राराक्षस पर टीका लिखी थी| मुद्राराक्षस ने अतिरिक्त विशाखदत्त के नाम से दो अन्य रचनाओं का भी उल्लेख प्राप्त होता है| (1) देवी चंद्रगुप्त तथा (2) अभिसारिका वंचित तक या अभिसारिका बंधितक (अप्राप्य)|

4-प्रश्न- सैंड्रोकोट्स से चंद्रगुप्त मौर्य की पहचान किसने की?- (48th to 52nd B.P.S.C. (Pre) 2008)
उत्तर-‘विलियम जोंस’
व्याख्या-विलियम जोंस पहले विद्वान थे| जिन्होंने ‘सैंड्रोकोट्स’ की पहचान मौर्य शासक चंद्रगुप्त मौर्य से की| एलियन तथा प्लूटार्क ने चंद्रगुप्त मौर्य को सैंड्रोकोट्स के रूप में वर्णित किया है|

5-प्रश्न- किसने ‘सैंड्रोकोट्स’ (चंद्रगुप्त मौर्य) और सिकंदर महान की भेंट का उल्लेख किया है? (U.P. Lower Sub. (Pre) 2008)
उत्तर-जस्टिन
व्याख्या– जस्टिन ने ‘सैंड्रोकोट्स’ (चंद्रगुप्त मौर्य) और सिकंदर महान की भेंट का उल्लेख किया है|

6-प्रश्न- कौटिल्य प्रधानमंत्री थे? (U.P.P.C.S. (Pre) 2002) (U.P. Lower Sub. (Spl) (Pre) 2002)
उत्तर- चंद्रगुप्त मौर्य के
व्याख्या- चंद्रगुप्त मौर्य के जीवन निर्माण में कौटिल्य का महत्वपूर्ण योगदान था| वह इतिहास में विष्णु गुप्त तथा चाणक्य इन 2 नामों से भी बिछड़ थे| जब चंद्रगुप्त मौर्य भारत का एक छात्र सम्राट बना तो कौटिल्य प्रधानमंत्री, महामंत्री तथा प्रधान पुरोहित के पद पर आसीन हुए| वह राजनीतिक शास्त्र के प्रकांड पंडित थे और उन्होंने राजनीतिक शास्त्र पर ‘अर्थशास्त्र’ नामक प्रसिद्ध ग्रंथ की रचना की थी| क्या भारत में राज्य शासन के ऊपर उपलब्ध प्राचीनतम रचना है|

7-प्रश्न- चाणक्य अपने बचपन में किस नाम से जाने जाते थे? (U.P.P.C.S. (Pre) 2006)
उत्तर- विष्णुगुप्त
व्याख्या- ऋषि चानक ने अपने पुत्र का नाम चाणक्य रखा था| ‘अर्थशास्त्र’ के लेखक के रूप में इसी पुस्तक में उल्लेखित ‘कौटिल्य’ तथा एक पद्य खंड में उल्लिखित ‘ विष्णुगुप्त’ नाम की साम्यता चाणक्य से की जाती है| चाणक्य की अनेक नाम भी प्रचलित है| अंशुल, अंशु, अंगुल, वात्सायन, कात्यायन, आदि नाम इन्हीं में से हैं| पुराणों ने उसे ‘द्विजशरभ’ (श्रेष्ठ ब्राह्मण) कहां गया है| प्रश्न में बचपन के नाम की बात कही गई है| चाणक्य केस अध्ययन करने वाले विद्वान ट्रोटमैंन के अनुसार चाणक्य तथा कौटिल्य नाम चाणक्य के गोत्र नाम हो सकते हैं| इसी प्रकार अनेक विद्वानों ने यह निष्कर्ष निर्गत किया है कि चाणक्य तथा विष्णुगुप्त एवं कोटिल्य अलग-अलग व्यक्ति हैं| आयोग ने इस प्रश्न का उत्तर विष्णुगुप्त अपनी वेबसाइट पर प्रदर्शित किया था| इसी के अनुसार विष्णुगुप्त उत्तर सही है|

8-प्रश्न- चाणक्य का अन्य नाम था- (I.A.S. (Pre) 1993)
उत्तर- विष्णु गुप्त
व्याख्या – उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें

9-प्रश्न- कौटिल्य का अर्थशास्त्र है, एक? (U.P.P.C.S. (Main) 2012)
उत्तर- शासन के सिद्धांतों की पुस्तक
व्याख्या- कौटिल्य (चाणक्य) द्वारा मौर्य काल में रचित अर्थशास्त्र शासन के सिद्धांतों की पुस्तक है| इसमें राज्य के सप्तांग सिद्धांत-राजा, अमात्य, जनपद, दुर्ग, कोष, दंड एवं मित्र के सर्वप्रथम व्याख्या मिलती है| अर्थशास्त्र से तत्कालीन प्रशासन एवं कृषि व्यवस्था की भी विस्तृत जानकारी प्राप्त होती है|

10-प्रश्न- राज्य के सप्तांग सिद्धांत के अनुसार राज्य का सातवां अंग कौन-सा था? (U.P.P.C.S. (Pre) (Re-Exam) 2015
उत्तर – मित्र
व्याख्या -सूहृद (मित्र) राज्य के सप्तांग सिद्धांत के अनुसार राज्य का सातवां अंग है| सूहृद (मित्र) राजकीय कान हैं| राज के मित्र शांति एवं युद्धकाल दोनों में ही उसकी सहायता करते हैं| इस संबंध में कौटिल्य महज (आदर्श) तथा कृत्रिम मित्र में भेद करते हैं| सहज मित्र, कृत्रिम मित्र से अधिक श्रेष्ठ होता है| जिस राजा ने मित्र लोभी, कामी तथा कायर होते हैं, उसका विनाश अवश्यंभावी है|

11-प्रश्न– बुलंदीबाग कहां का प्राचीन स्थान था-(U.P.P.C.S (Slp) (Main) 2008)
उत्तर- पाटलिपुत्र का
व्याख्या- बुलंदी बाग, पाटलिपुत्र का प्राचीन स्थान था| यहां से उत्खनन में लकड़ी के विशाल भवनों के अवशेष प्रकाश में आए हैं| इन्हें प्रकाश में लाने का श्रेय स्पूनर महोदय को है| आता उत्तर पाटलिपुत्र सही है|

12-प्रश्न- किसके शासनकाल में डीमेकस भारत आया था? (U.P. Loewr Sub. (Pre) 2015)
उत्तर- बिंदुसार
व्याख्या-स्ट्रैबो के अनुसार, सीरिया के राजा एंटीयोकस ने डीमेकास (डाईमेकस) नामक अपना एक राजदूत बिंदुसार की राज्यसभा में भेजा था| यह मेगास्थनीज के नाम पर आया था|

13 -प्रश्न- पाटलिपुत्र में स्थित चंद्रगुप्त का महल किस चीज से बना था- (41st B.P.S.C. (Pre) 1996)
उत्तर- लकड़ी का
व्याख्या- बिहार में पटना (पाटलिपुत्र) के समीप बुलंदी बाग एक कुम्रहार में की गई खुदाई से मौर्य काल के लकड़ी के विशाल भवनों के अवशेष प्रकाश में आए हैं| इन्हें प्रकाश में लाने का श्रेय स्पूनर महोदय को है| बुलंदी बाग श्रीनगर के परकोटे के अवशेष तथा कुम्रहार से राजप्रसाद के अवशेष प्राप्त हुए हैं|

15- प्रश्न-भारत का प्रथम अस्पताल एवं औषधि विभाग निर्माण करवाया था- (U.P. Lower Sub. (Mains) 2015)
उत्तर – अशोक ने
व्याख्या- अशोक 269 ईसापूर्व के लगभग मगध के राज सिंहासन पर बैठा| उसके अभिलेखों से सर्वत्र उसे ‘देवनामप्रिय’,’देवाना प्रियदर्शी’ कहा गया है| सम्राट अशोक युद्ध के लिए इतना प्रसिद्ध नहीं हुआ जितना एक धम्म विजेता एवं लोकोपकारी कार्यों से प्रसिद्ध हुआ| वह न केवल मानव वरण संपूर्ण प्राणी जगत के प्रति उदारता का दृष्टिकोण रखता था| इसी कारण उसने पशु-पक्षियों के वध पर प्रतिबंध लगा दिया था| अशोक ने लोक हित के लिए छायादार वृक्ष, धर्मशालाएं बनवाई तथा कुएं भी खुदवाए| अशोक ने ही अपने शासनकाल में मनुष्य और पशुओं के लिए उपयोगी औषधियां हेतु प्रथम अस्पताल (औषधालय) एवं औषधि-बागों का निर्माण करवाया|

16- प्रश्न- सार्थवाह किसे कहते थे? ( U.P.P.C.S. (Slp) (Main) 2008)
उत्तर- व्यापारियों के काफिले को
व्याख्या- मौर्य काल में व्यापारिक का काफिलों (कारवां) को सार्थवाह की संज्ञा दी गई थी| इसका उल्लेख कौटिल्य कृत अर्थशास्त्र से भी प्राप्त होता है|

17- प्रश्न- सारनाथ स्तंभ का निर्माण किया था- (U.P. Lower Sub. (Spl) Pre 2008)
उत्तर- अशोक ने
व्याख्या- सारनाथ स्तंभ का निर्माण अशोक ने कराया था| स्तंभ के शीर्ष पर किसिंग की आकृति बनी है जो शक्ति का प्रतीक है| इस प्रतिकृति को भारत सरकार ने अपने प्रतीक चिन्ह के रूप में लिया है| यह स्तंभ मौर्य युगीन वास्तुकला के सबसे अच्छे उदाहरण हैं| मौर्य युगीन सभी स्तंभ चुनार के बगुए पत्थरों से निर्मित है|

18- प्रश्न- पत्थर पर प्राचीनतम शिलालेख किस भाषा में थे? (U.P.P.C.S. (Pre) 2009)
उत्तर – प्रकृति
व्याख्या -भारत में पाए गए प्राचीनतम ऐतिहासिक शिलालेख अशोक के हैं जो मुख्यतः ब्राह्मी तथा गौणतः खरोष्ठी,आरमेइक एवं यूनानी लिपियों में तथा प्राकृत भाषा में उपयोग किए गए हैं|

19- प्रश्न- अशोक के शिलालेखों को सर्वप्रथम किसने पढ़ा था? (I.A.S. (Pre) 1993), (U.P.P.C.S. (Main) 2006), (U.P.P.C.S. (GIC) 2010)
उत्तर- जेम्स प्रिंसेप
व्याख्या- सर्वप्रथम 1837 ईस्वी में जेम्स प्रिंसेप नामक अंग्रेजी विद्वान ने अशोक के लेखों (ब्राह्मी लिपि) का उद्वाचन किया, किंतु उन्होंने लेखों के ‘देवानाम्पिया’ की पहचान सिंघल के राजा तिस्स से कर डाली| कालांतर में यह तथ्य प्रकाश में आया कि सिंघली अनुश्रुतियों- दीपवंश तथा महावंश में यह उपाधि अशोक के लिए प्रयुक्त की गई है| अंततः 1915 ईस्वी में मास्की (कर्नाटक) से प्राप्त लेख में ‘अशोक’ नाम भी पढ़ लिया गया|

20- प्रश्न- प्राचीन भारत में से कौन-सी ऐसी लिपि दाईं ओर से बाईं ओर लिखी जाती थी? ( I.A.S. (Pre) 1997)
उत्तर – खरोष्ठी
व्याख्या-प्राचीन भारत में खरोष्ठी लिपि दाएं से बाएं लिखी जाती थी| इसे पढ़ने का श्रेय मैसन, प्रिंसेप,नोरिस, लैसेन, कनिन्घन आदि विद्वानों को है| यह मुख्यता उत्तर-पश्चिम भारत की लिपि थी|

21- प्रश्न-अशोक का रुम्मिनदेई स्तंभ संबंधित है- (U.P.P.C.S.(Spl) (Main) 2008)
उत्तर- बुद्ध के जन्म से
व्याख्या- अशोक ने अपने राज्य अभिषेक के बीच में वर्ष लुंबिनी की यात्रा की तथा वहां एक सिला स्तंभ स्थापित किया| बुद्ध की जन्म भूमि होने के कारण लुंबिनी ग्राम का धार्मिक कर माफ कर दिया तथा भू राजस्व 1/6 घटाकर 1/8 कर दिया|

22- प्रश्न-कालसी प्रसिद्ध है- (U.P. Lower Sub. (Spl) (Pre) 2008)
उत्तर- अशोक के शिलालेख के कारण
व्याख्या- कालसी, उत्तराखंड के देहरादून जिले में स्थित है| यहां से अशोक का शिलालेख मिला है| इसलिए कालसी का ऐतिहासिक महत्व है|

23- प्रश्न- मौर्य काल में टैक्स को छुपाने (चोरी) के लिए कौन सा दंड दिया जाता था? ( Jharkhand P.C.S. (Pre) 2013)
उत्तर- मृत्युदंड
व्याख्या – मेगास्थनीज की ‘इंडिका’ में पाटलिपुत्र के नगर प्रशासन का वर्णन मिलता है| इसके अनुसार, पाटलिपुत्र नगर का प्रशासन 30 सदस्यों की विभिन्न समितियों द्वारा होता है| इसकी कुल 6 समितियां होती थी तथा प्रत्येक समितियों में 5 सदस्य होते थे| छठी समिति का कार्य बिक्री कर वसूल करना था| विक्रीकर मूल्य का दसवां भाग के रूप में वसूल किया जाता था| करों की चोरी करने वाले को मृत्युदंड दिया जाता था|

24- प्रश्न- प्रसिद्ध यूनानी राजदूत मेगास्थनीज भारत में किसके दरबार में आए थे? ( R.A.S./R.T.S. (Pre) 1997)
उत्तर- चंद्रगुप्त मौर्य
व्याख्या- मेगास्थनीज सेल्यूकस ‘ निकेटर’ द्वारा चंद्रगुप्त मौर्य की राज्यसभा में भेजा गया यूनानी राजदूत था| इसके पूर्व वह अरकोसिया के क्षत्रप के राज्य दरबार में सेल्यूकस का राजदूत रह चुका था| मेगास्थनीज ने काफी समय तक मौर्य दरबार में निवास किया| भारत में उसने जो कुछ भी देखा सुना उसे उसने ‘ इंडिका’ नामक अपने ग्रंथ में लिपिबद्ध किया|

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