Rudram Anti- radiation Missile की सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में।

DRDO Anti-radiation Missile:- दोस्तों, भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी DRDO ने बीते शुक्रवार को एक नई generation की मिसाइल का सफल परीक्षण किया है, जिसका नाम है Rudram Anti Radiation Missile.आज हम Rudram Anti Radiation Missile के बारे में आपको पूरी जानकारी देंगे आज हम आपको बताएंगे कि रूद्रम एंटी रेडिएशन मिसाइल को कहां पर और किन-किन टेक्नोलॉजी का यूज करके इस एंटी रेडिएशन मिसाइल को बनाया गया है|

Rudram Anti- radiation Missile

दोस्तों, बीते कुछ महीनों में भारत के DRDO संस्था ने कई अनेक प्रकार के स्वदेशी उपकरणों को बनाकर भारत की सैन्य क्षमता और तकनीकी का स्तर उच्च किया है| जिसके कारण भारत आज विश्व के सभी बड़े देशों के साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़ा है| पिछले कुछ महीनों में भारत ने पृथ्वी-2, ब्रह्मोस का Advance version, Rudram Anti Radiation Missile और अनेक तकनीकी का विकास किया है|

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भारत में मिसाइल तकनीक के क्षेत्र में एक लंबी छलांग लगाई है। भारत में बनी सबसे पहली स्वदेशी एंटी रेडिएशन मिसाइल रूद्रम का भारतीय वायु सेना में शामिल होने से भारत के ताकत और बढ़ गई है|

Rudram Anti- radiation Missile क्या हैं?

Rudram Anti-radiation Missile भारत की सबसे पहली ऐसी मिसाइल है, जो दुश्मन के रडार व ट्रांसमिशन सिग्नल को खराब करके उसी के क्षेत्र में हमला करने में सक्षम है| अभी तक इस प्रकार की टेक्नोलॉजी सिर्फ अमेरिका, रूस और जर्मनी के पास ही है|

रूद्रम Anti-radiation Missile का सफल परीक्षण उड़ीसा राज्य के समुद्र के किनारे सुखोई-30 लड़ाकू विमान के द्वारा किया गया|

रूद्रम Anti-radiation Missile है, जिसका काम है कि दुश्मन के Air Defence System , रडार और संचार सिस्टम को नष्ट करना|

Rudram Anti- radiation Missile का निर्माण :-

भारत के वैज्ञानिकों की कोशिश है कि Rudram को सुखोई -30 या फिर दूसरे इंडियन एयरपोर्ट्स जहाजों के द्वारा स्टैंड ऑफ डिस्टेंस से लांच किया जा सके और यह आसानी से दुश्मन के रडार और संचार माध्यम को नष्ट करने में सक्षम हो|

दोस्तों यह मिसाइल पहले DRDO Anti-radiation Missile या next generation Anti-radiation Missile के नाम से जाना जाता था|बाद में इस मिसाइल का नाम रूद्रम रखा गया| रूद्रम-1 मिसाइल पर DRDO की तरफ से 2012 में काम शुरू किया गया था|

Rudram Antiradiation Missile की बनावट एवं उनकी विशेषताओं:-

आइए अब जानते हैं रूद्रम मिसाइल के बनावट एवं उनकी विशेषताओं के बारे में-

  • यह मिसाइल साडे 5 मीटर लंबा और 140 किलो ग्राम वजनी एंटी रेडिएशन मिसाइल है|
  • इस मिसाइल की संरचना लगभग भारत के अन्य हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल के जैसे ही हैं|
  • रूद्रम मिसाइल में 12 purpose सॉलिड मोटर का इस्तेमाल किया गया है| जो इंजन के रिएक्शन टाइम को घटा देता है|
  • इस मिसाइल की रफ्तार अन्य दूसरे मिसाइलों की तुलना में काफी अधिक है|
Rudram: India successfully test-fires DRDO's 'Rudram' Anti-Radiation Missile  | India News - Times of India
Rudram Anti-Radiation Missile

Rudram Antiradiation Missile की विशेषताओं:-

  • इसकी रफ्तार 200 किलोमीटर से लेकर 250 किलोमीटर तक रेंज के साथ यह मिसाइल एक घातक मिसाइल है|
  • इस मिसाइल को 15 किलोमीटर के Altituded से लेकर 500 किलोमीटर Alatitude तक यह उड़ान भर सकता है|
  • इस मिसाइल से टारगेट को अगर निशाना लगाया जाए तो यह इतना सटीक है कि 10 मीटर के Criticle Error के साथ टारगेट को नष्ट कर सकता है | यानी कि अगर निशाना चूक भी जाता है तो ज्यादा से ज्यादा 10 मीटर की रेंज के आसपास ही यह गिरेगी|
  • यह आसानी से किसी भी एरिया में या किसी भी एल्टीट्यूड से दागा जा सकता है|
  • इस मिसाइल को भारतीय वैज्ञानिकों ने इस प्रकार से डिजाइन किया है| कि इंडिया के किसी भी एयरक्राफ्ट में आसानी से लगाया जा सके इसके अतिरिक्त DRDO यह भी कोशिश कर रहा है, कि भविष्य में बनने वाले एयरक्राफ्ट में यह आसानी से प्रयोग में लाया जा सके|

DRDO ने Rudram -1 के नेक्स्ट जनरेशन मार्क 2 पर काम करना शुरू कर दिया है| जिसमें Rudram -1 से अधिक गति तथा सटीकता होगी| जिससे दुश्मन के टारगेट को पूरी तरह से नष्ट किया जा सकते हैं|

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