यूरोपीय कम्पनियों का आगमन-आधुनिक भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

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यूरोपीय कम्पनियों का आगमन-आधुनिक भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर -Hello Readers जो छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं उन सभी के लिए आज हमने इतिहास से सम्बंधित कुछ एसे महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर आप सही के लिए शेयर कर रहे है जो पिछले वर्षों में Competitive exams में पूछे गये हैं| आप सभी छात्र इस प्रश्नों को अच्छे से तयार कर लें क्यों की यह प्रश्न आप सभी के आगामी परीक्षा में जरुर पुछा जा सकता हैं|

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आप सभी की जानकारी के लिए हम बता दें की जो प्रश्नोत्तर हम आप सभी के लिए शेयर कर रहे हैं वह “यूरोपीय कम्पनियों का आगमन” है जो आधुनिक भारतीय इतिहास  से सम्बंधित है| आप सभी नीचे प्रश्नों को अच्छे से पढ़ कर यद् कर लें, क्यों की यहाँ से परीक्षा में प्रश्न जरुर पुछा जायेगा|

यूरोपीय कम्पनियों का आगमन-आधुनिक भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

प्रश्न-1-वास्कोडिगामा कालीकट पर किस वर्ष में आया?
उत्तर-1498 AD
व्याख्या- वास्कोडिगामा भारत के पश्चिमी तट पर स्थित बंदरगाह कालीकट पर 20 मई 1498 ई को पहुंचा| उसने यहां पहुंच कर भारत के नए समुद्री मार्ग की खोज की| कालीकट के तत्कालीन शासक जमोरिन ने वास्कोडिगामा का स्वागत किया| वास्कोडिगामा के भारत आगमन से पुर्तगालियों एवं भारत के मध्य व्यापार के क्षेत्र में एक नए युग का शुभारंभ हुआ | वास्कोडिगामा ने भारत में काली मैच के व्यापार से 7 गुना अधिक मुनाफा कमाया जिससे अन्य पुर्तगाली व्यापारियों को भी प्रोत्साहन मिला| पुर्तगाली व्यापारियों ने भारत में कालीकट गोवा दमन दीव एवं हुगली के बंदरगाहों में अपनी व्यापारिक कोठियां स्थापित की| 1505ई मैं वायसराय बनकर आया| अल्मीडा के बाद अल्फांसो द अल्बुकर्क 1509 ई. मैं वायसराय बनकर आया| उसने 1510 ई मैं भीजापुरी शासक यूसुफ आदिलशाह से गोवा छीनकर अपने अधिकार में कर लिया| गोवा को पुर्तगालियों ने अपनी सत्ता और संस्कृत के महत्वपूर्ण केंद्र के रुप में स्थापित किया|

प्रश्न-2- वास्कोडिगामा भारत कब आया था?
उत्तर- 1498
व्याख्या- उपर्युक्त कथन की व्याख्या देखें

प्रश्न-3- पुर्तगाली उपनिवेश का प्रथम वायसराय भारत में कौन हुआ?
उत्तर- अल्मीडा

व्याख्या- उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें|

प्रश्न 4 – निम्नलिखित में से किसने वास्कोडिगामा का कालीकट में स्वागत किया था?
उत्तर- जमोरिन
व्याख्या- उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें|

प्रश्न -5- भारत में पुर्तगाली शक्ति वास्तविक संस्थापक कौन था?
उत्तरअल्बुकर्क
व्याख्या- क्या भारत में पुर्तगाली शक्ति का वास्तविक संस्थापक अल्बुकर्क (1509- 15)ई था| इसने भारत में एक प्रादेशिक शक्ति के रूप में पुर्तगाली राज्य की संस्थापना की| फरवरी 1510 में बीजापुर के आदिलशाही सुल्तान से गोवा को जीतना अल्बुकर्क की पहली महत्वपूर्ण उपलब्धि थी| गोवा की विजय ने दक्षिणी पश्चिमी समुद्री पुर्तगाली नौसैनिक प्रभुत्व पर मुहर लगा दी और इसके साथ ही भारत में क्षेत्रीय पुर्तगाली राज्य की संघ स्थापना हुई| अल्बुकर्क ने भारत में पुर्तगालियों की संख्या में वृद्धि करने एवं उनकी अस्थाई बस्तियां बसाने के उद्देश्य पुर्तग़ालियों को भारतीय महिलाओं के साथ विवाह करने के लिए प्रोत्साहित किया |

प्रश्न -6 – पुर्तगालियों ने भारत निम्नलिखित में से किस स्थान पर प्रथम दुर्ग का निर्माण किया था?
उत्तर- कोचीन में
व्याख्या- पुर्तगालियों के (भारत में प्रथम दुर्ग भारत में प्रथम यूरोपीय दुर्ग भी) का निर्माण अल्फांसो द अल्बुकर्क (इस समय वह वायसराय नहीं था ) द्वारा 1503ई मैं कोचीन में कराया गया था| अज्जीदीव एवं कन्नौज में दुर्गों का निर्माण फ्रांसिस्को अल्मीडा द्वारा 1505ई मैं कराया गया था|

प्रश्न 7- मध्यकाल में सर्वप्रथम भारत से व्यापार संबंध स्थापित करने वाले थे|
उत्तर- पुर्तगाली
व्याख्या- मध्यकाल में सर्वप्रथम भारत से व्यापार संबंध स्थापित करने वाले पुर्तगाली थे| प्रथम उदगीर तथा प्रथम यूरोपीय यात्री वास्कोडिगामा कई दिनों की समुद्री यात्रा के बाद अब्दुल मस्जिद नामक गुजराती पथ प्रदर्शक की सहायता से 1498ई मैं कालीकट( भारत के) समुंद्र तट पर पहुंचा| भारत में यूरोपीय व्यापारिक कंपनियों के आगमन का क्रम है पुर्तगीज डच अंग्रेज डेन फ्रांसीसी\ भारत में पुर्तगाली सबसे पहले 1498 में आए तथा सबसे अंत में 1961 ईस्वी में वापस गए|

प्रश्न 8 – किस यूरोपीय ने भारत में प्रथम समुद्री व्यापारिक केंद्र स्थापित किए?
उत्तर- पुर्तगाली
व्याख्या- यूरोपीय शक्तियों में सर्वप्रथम पुर्तगाली व्यापारियों ने भारत में सामुद्रिक व्यापारिक केंद्र स्थापित किए| भारत में प्रथम पुर्तगाली वायसराय फ्रांसिस्को डी अल्मीडा ने 1509ई मैं दिव पर अधिकार कर लिया| दीव पर अधिकार के साथ ही पुर्तगाली हिंद महासागर में सबसे अधिक शक्तिशाली हो गए| पुर्तगालियों ने हिंद महासागर से होने वाले व्यापार पर एकाधिपप्त स्थापित कर लिया तथा यहां से गुजरने वाले अन्य जहाजों से करकी वसूली की|

प्रश्न -9 – बंगाल की निम्नलिखित फैक्ट्रियों में से एक जोक पुर्तगालियों द्वारा स्थापित की गई वह थी|
उत्तर-हुगली
व्याख्या- 1534 में पुर्तगालियों ने बंगाल के शासक ग्यासुद्दीन महमूद शाह से सत गांव और चटगांव में अपने फैक्ट्रियों स्थापित करने की अनुमति प्राप्त कर ली| इसके बाद संपूर्ण बंगाल में अनेक पुर्तगाली बस्तियों की स्थापना की गई| चटगांव जिसे पुर्तगाली महान बंदरगाह के रूप में अभी भी अभी हित करते थे उनके द्वारा प्रयुक्त किया जाता रहा किंतु 16 वी सदी में 7 गांव का पतन हो गया और उसका स्थान हुगली ने ले लिया बिन सुरा में डचो गुस्त्रवुस किले का निर्माण कराया था श्रीरामपुर दैनिक शो का प्रमुख केंद्र था|

प्रश्न 10 – पांडिचेरी( वर्तमान पुदुच्चेरी ) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
1 .पांडिचेरी पर कब्जा करने वाली पहली यूरोपीय शक्ति पुर्तगाली थे
2 . पांडिचेरी पर कब्जा करने वाली दूसरी यूरोपीय शक्ति फ्रांसीसी थी
3. अंग्रेजों ने कभी पांडिचेरी पर कब्जा नहीं किया|
उत्तरकेवल 1
व्याख्या- पांडिचेरी में सर्वप्रथम पुर्तगालियों ने अपना उपनिवेश स्थापित किया था| पांडिचेरी पर कब्जा करने वाली दूसरी यूरोपीय शक्ति डच थे| अंग्रेजों ने भी पांडिचेरी पर 1793 ने कब्जा कर लिया और फिर 1814 में हुई पेरिस संधि के तहत इसे फ्रांस को सौंप दिया| इस प्रकार केवल कथन एक सही है|

प्रश्न 11- हुगली को बंगाल की खाड़ी में समुद्री लूटपाट के लिए किसने अड्डा बनाया था|
उत्तर- पुर्तगालियों ने
व्याख्या- पुर्तगालियों द्वारा हुगली को बंगाल की खाड़ी में समुंद्र लूटपाट के लिए अड्डे के रुप में इस्तेमाल किया जाता था1632ई में मुगल बादशाह शाहजहां ने हुगली में पुर्तगाली बस्तियों को पूरी तरह नष्ट कर दिया और 1000 से अधिक पुर्तगाली निवासी को बंदी बना लिया|

प्रश्न -12 – निम्नलिखित में से कौन कोलकाता का संस्थापक था|
उत्तर- जॉब चारनाक
व्याख्या- कासिम बाजार की फैक्ट्री के प्रमुख जब चारनाक अंग्रेज व्यापार केंद्र के लिए हुगली के स्थान पर सुतानुती अथवा सुतानुती कोलकाता का स्थान को चुना और इस तरह 1690ई में उसने अंग्रेज बस्ती के रूप में कोलकाता की स्थापना की|

प्रश्न 13 – कोलकाता किसने बसाया|
उत्तर- जॉब चारनाक
व्याख्या- उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या

प्रश्न-14- भारत में यूरोपीय शक्तियों के प्रवेश के संदर्भ में निम्न में से कौन सा कथन सही नहीं है|
उत्तर- पुर्तगालियों ने 1499 गोवा पर कब्जा किया था| व्याख्या- पुर्तगाली गवर्नर अल्बुकर्क ने भारत में एक परदेशिक शक्ति के रूप में पुर्तगाली राज्य की स्थापना की| बीजापुर के आदिलशाही सुल्तान से गोवा को जीतना(फरवरी 1510) अल्बुकर्क की पहली महत्वपूर्ण उपलब्धि थी जो कलांतर भारत में पुर्तगीज व्यापारिक केंद्रों की राजधानी बनाई गई | गोवा की विजय दक्षिण पश्चिम समुद्र तट पर पुर्तगाली नौसैनिक प्रभुत्व मुहर लगा दी और इसके साथ ही भारत में क्षेत्रीय पुर्तगाली राज्य की स्थापना हुई| इस प्रकार विक्लप a का कथन सही नहीं है जबकि अन्य विकल्पों की कथन सही है|

प्रश्न -15 – भारत के साथ व्यापार के लिए सर्वप्रथम संयुक्त पूंजी कंपनी किन लोगों ने आरंभ की|
उत्तर- डच
व्याख्या- भारत के साथ व्यापार के लिए सर्वप्रथम संयुक्त पूंजी कंपनी डचों ने आरंभ की| 17वी शताब्दी के प्रारंभ तक हालैंड एक शक्तिशाली राष्ट्र राज्य नहीं बना था| जिसकी केंद्रीय सरकार शक्तिशाली हो गई हो| इस लिए इसकी कंपनी के संगठन में अनेक लघु कंपनियों की रचना तथा नीदरलैंड हॉलैंड का संघीय रूप स्पष्ट नजर आता है| 1602ई मैं डच हालैंड संसद द्वारा पारित प्रस्ताव से एक संयुक्त डच ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना हुई| इसकी कुल प्रारंभिक पूंजी 6500000 गिल्डर थी| इस कंपनी को डच संसद द्वारा 21 वर्षों के लिए भारत और पूर्वी देशों के साथ व्यापार करने आक्रमण और विजय करने के संबंध में एक अधिकारी दिया गया| इसका पूर्वी केंद्र पटेरिया वर्तमान जकार्ता में स्थित था डच पूर्वी साम्राज्य का संचालन एक प्रशासन संयुक्त कंपनी के माध्यम से किया जाता था इसके साझेदार एक निजी गुट के रूप में कार्य करते थे|

प्रश्न-16 – लिखित कथनों में से कौन-सा एक सही है
उत्तर- डचों ने पुर्तग़ालियों को पराजित किया और आधुनिक कोच्चि में उन्होंने फ़ोर्ट विलियम्स का निर्माण किया|
व्याख्या- डचों ने पुर्तगालियों को पराजित कर आधुनिक कोच्चि में 1663 में फोर्ट विलियम्स का निर्माण कराया था| कोच्चि 18 गुदा में ब्रिटिश उपनिवेश के तहत शामिल हुआ इस प्रकार सही उत्तर विकल्प भी है अन्य विकल्पों के कथन सही नहीं है|

प्रश्न -17- भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी के सफलता का राज्य था|
उत्तर- उपर्युक्त तीनों
व्याख्या- उपर्युक्त तीनों कारण भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी की सफलता में सहायक थे ज्ञातव्य है कि 1599ई में इंग्लैंड में एक मर्चेंट एडवेचर्स नामक दत्त ने अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी अथवा दी गवर्नर ऐड कंपनी आफ मर्चेंट्स ट्रेडिंग इनटू द ईस्ट इंडीज जी की स्थापना की दिसंबर 1600ई मैं ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ ने इससे पूर्व के साथ व्यापार के लिए 15 वर्षों के लिए अधिकार पत्र प्रदान किया था|

प्रश्न -18- निम्नलिखित ब्रिटिश कंपनियों में से किसे भारत में व्यापार करने का पहला अधिकार पत्र प्राप्त हुआ था?
उत्तर- इवेंट कंपनी
व्याख्या- लिव एंड कंपनी को 1593 में स्थल मार्ग से भारत में व्यापार करने का अधिकार पत्र प्राप्त हुआ 31 दिसंबर 1600 को महारानी एलिजाबेथ प्रथम ने दी गवर्नर एंड कंपनी ऑफ मर्चेंट ऑफ लंदन ट्रेंडिंग इन टू दी ईस्ट इंडीज को समुंद्र मार्ग से ईस्ट स्टेज के साथ व्यापार करने का पहला अधिकार पत्र प्रदान किया था| 1702 में न्यू कंपनी के साथ मिलकर या नए नाम यूनाइटेड कंपनी ऑफ़ मर्चेंट ऑफ इंग्लैंड टू दी ईस्ट इंडीज 1709 के रूप में अपने व्यापार को बढ़ाया जो सामान्यता ईस्ट इंडिया कंपनी के नाम से प्रसिद्ध हुई|

प्रश्न 19- लंदन में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के गठन के समय भारत का निम्नलिखित में से कौन-सा बादशाह था?
उत्तर- अकबर
व्याख्या- सितंबर 1599ई मैं लंदन में कुछ व्यापारियों ने लाड मेयर की अध्यक्षता में एक सभा का आयोजन किया| इसमें पूर्वी द्वीप समूह के साथ व्यापार करने की योजनाएं तैयार की गई| इन व्यापारियों ने पूर्व के देशों के साथ व्यापार करने के आशय से 1599ई मैं एक कंपनी का गठन किया| इसका नाम गवर्नर एंड कंपनी ऑफ़ मर्चेंट ऑफ लंदन ट्रेंडिंग इन टू द ईस्ट इंडिया रखा गया| इस दौरान भारत का बादशाह अकबर( 1556- 1605) था|

प्रश्न -20- किस मुगल सम्राट के काल में इंग्लिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में सर्वप्रथम कारखाना स्थापित किया?
उत्तर- जहांगीर
व्याख्या- जहांगीर शासनकाल में इंग्लिश ईस्ट इंडिया कंपनी में सर्वप्रथम 1611 में मसूरी पटनम अथवा मछलीपट्टनम मैं एक अस्थाई कारखाना स्थापित किया था\ वर्ष 1613 में सूरत में स्थापित कारखाना अंग्रेजों का प्रथम स्थाई कारखाना था|

प्रश्न-21 – भारत में 1613ई में अंग्रेजों ने अपनी पहली फैक्ट्री कहां स्थापित की थी/
उत्तर- सूरत
व्याख्या- कैप्टन विलियम हाकिंस सूरत से मुगल दरबार 1608ई में पहुंचा किंतु सूरत में फैक्ट्री की स्थापना की अनुमति पाने में सफल नहीं हो सका 1611 में पुर्तगालियों के विरोध के बावजूद कैप्टन मिडल्टन सूरत के समीप स्वल्ली पहुंचा और मुगल गवर्नर से वहां व्यापार करने की अनुमति पाने हो गया| कैप्टन बेस्ट द्वारा सूरत के बंदरगाह की विजय ने पुर्तगाली एकाधिकारी की निरंतरता को भंग किया तथा दातों प्रांत अंग्रेजों ने सूरत मे 1613 में अस्थाई रूप से एक फैक्ट्री स्थापित की यहां से अंग्रेजों ने अपने व्यापार को देश के रूप में भाग को में फैलाया तथा शीघ्र ही अहमदाबाद बुरहानपुर अजमेर तथा आगरा में सहयोगी फैक्ट्री कहां स्थापित की|

प्रश्न 22-निम्नलिखित यूरोपीय व्यापारिक कंपनियों में से किसने सूरत में सर्वप्रथम अपना कारखाना स्थापित किया|
उत्तर- अंग्रेजों ने
व्याख्या-यूरोपीय व्यापारिक कंपनियों में से ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने सर्वप्रथम सूरत में फैक्ट्री स्थापित की थी| 1613ई में जहांगीर ने अंग्रेजों को सूरत में अस्थाई कारखाना स्थापित करने की अनुमति दी थी| सूरत में बच्चों द्वारा फैक्ट्री 1616ई मैं जबकि फ्रांसीसियों द्वारा 1668ई मैं स्थापित की गई थी|

प्रश्न-23-ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने बंबई किस से लिया था
उत्तर-पुर्तगालियों से
व्याख्या-1661ई मैं इंग्लैंड के सम्राट चार्ल्स द्वितीय का विवाह की राजकुमारी कैथरीन से होने पर चार्ज को बंबई उपहार के रूप में प्राप्त हुआ था जिसे उन्होंने 1668ई मैं 10 पोड वार्षिक किराए पर ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को दे दिया था|

प्रश्न-24-ईस्ट इंडिया कंपनी के किस अंग्रेज गवर्नर को औरंगजेब द्वारा भारत से निष्कासित किया गया?
उत्तर- सर् जान चाइल्ड
व्याख्या-बंबई के अंग्रेज गवर्नर जान चाइल्ड 1688 में
बंबई और पश्चिमी समुद्र तट के मुगल बंदरगाहों का घेरा डाला तथा मक्का जाने वाले हज यात्रियों को बंदी बनाने का प्रयास किया| फलस्वरुप उसे और औरंगजेब ने भारत से निष्कासित करने का आदेश दिया था मुगल शासक औरंगजेब के सामने उसे विश्वास होना पड़ा और अतत उसे माफी मांगनी पड़ी|

प्रश्न25-निम्नलिखित में से प्रथम कर्नाटक युद्ध का कौन सा तत्कालिक कारण था
उत्तर-अंग्रेजों द्वारा फ्रांसीसी जहाजों का अधिग्रहण
व्याख्या-कर्नाटक का प्रथम युद्ध( 1746- 48) ऑस्ट्रेलिया के उत्तराधिकारी युद्ध जो 1740 में आरंभ हुआ था| विस्तार मात्र था| गृह सरकारों की आज्ञा के विरुद्ध ही दोनों दलों अंग्रेजी ओम फ्रांसीसी में 1746 में युद्ध प्रारंभ हो गया अंग्रेजों कैप्टन वार्नेट के नेतृत्व में अंग्रेजी सेना द्वारा कुछ फ्रांसीसी जहाजों पर अधिकार कर लेना युद्ध का तात्कालिक कारण था प्रथम कर्नाटक युद्ध के समय ही कर्नाटक के नवाब अनवरुद्दीन नेम महफूज के नेतृत्व में 10,000 भारतीय सेना को फ्रांसीसियों पर आक्रमण करने के लिए भेजा कैप्टन पैराडाइज के नेतृत्व में फ्रांसीसी सेना ने अडियार नदी पर स्थित शर्ट फॉर में नामक स्थान पर नवाब को पराजित किया यूरोप में युद्ध बंद होते ही कर्नाटक का प्रथम युद्ध समाप्त हो गया एला शपथ की संधि (1748) से ऑस्ट्रेलिया के उत्तराधिकारी का युद्ध समाप्त हो गया तथा मद्रास अंग्रेजों को प्राप्त हो गया कर्नाटक का प्रथम युद्ध सेट थोमे में के युद्ध के लिए स्मरणीय है|

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